Saturday, 21 January 2017

दासत्व

भारत को छोड़ कर पूरी दुनिया से दासप्रथा लगभग समाप्त हो गयी, कारन सिर्फ इतना है कि दुनिया में दासों की पहचान की जा सकती थी। भारत में दास नाम ही नहीं दिया गया बल्कि इसे चार वर्णों में से एक वर्ण माना गया और इसे धर्म से जोड़ दिया गया।
दासत्व जो थोड़ा बहुत इस देश में था वो करीब करीब ख़त्म हो गया लेकिन जातीत्व के रूप में दासत्व को ख़त्म करना तब तक संभव नहीं है जब तक इसे अर्थ प्रदान करने वाला धर्म ज़िंदा है। सोचियेगा !

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